सब की कुछ चाहतें हैं, सब के कुछ सपने हैं|
कुछ किसी के बुने हुए हैं ,कुछ उनके अपने हैं|
कोई अपने दिल की सुनता है, कोई किसी और का कहा मानता है|
किसी को कुछ खबर नही, कोई सब कुछ जानता है|
मैं ज़्यादा नही जानता, लेकिन एक गुज़ारिश है, की आप सब कहें….
यह एक ज़िंदगी है..इसे हम अपनीं मर्ज़ी से जीएँगे,
अगली वाली में, दिल ने कहा तो औरों का कहा भी सुन लेंगे|
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hardik said
Nice one pal . Keep going ! Quite nice.
Harshita said
hmmm… yeh waali toh apni marzi se hi jeeyengey by gawd!!