तुमसे कुछ बातें कहनी हैं,
तुम्हारी यह आँख मिचोली अच्छी लगती है,
तुम्हारा यह हँसना और अचानक सिमट जाना भी अच्छा लगता है.
तुम्हारा यह मुस्कुराते हुए सारे गम सहना,
और फिर धूल मानिंद उन्हे झटक के आगे बढ़ जाना
अच्छा लगता है.
जब कभी टूट के हारने लगता हूँ,
तुम्हे देख के उठ जाता हूँ, जुनूनी हो जाता हूं.
तुमसे कुछ बातें कहनी है, शुक्रिया कहना है तुम्हें.
तुमसे कुछ बातें कहनी हैं ए, ज़िंदगी
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